Poetry

अहसासों को कभी पूछना …

तुम अपने ताल्लुक के, अबूझ हिस्सों में मुझे कभी देखना, उस ओर भी एक दिलचस्प इंसान है, बिलकुल तुम्हारी उम्मीदों की तरह का ! उम्मीदों के पहाड़ सा ढक दिया तुमने, जज्बातों को घुटन की आदत सी हो जाएगी, कभी खुले खुले में ला के देखना, ये जज्बात बड़े खूबसूरत से होते है ! अहसासों […]

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यूपी का चुनाव-प्रचार

जनता की सेवा के लिए हो गया, पिता पुत्र में भी तकरार, ये है यूपी का चुनाव-प्रचार ! इधर के उधर गए, और उधर के नजाने किधर गए, मिल बैठे सब नदियों जैसे, धूल गए पुराने कर्म और विचार, ये है यूपी का चुनाव-प्रचार ! घी-तेल सब चुपड़े खायेंगे, अब कोई क्यों करे व्यापार, माटी […]