who talks a lot
Poetry

तुम भी कभी बहुत बोलते थे….

बातों का सिलसिला अब वैसा नहीं चलता, लम्बी फेहरिस्त होती थी बातों की, मैं पहले तो मैं पहले की तकरार, अब रुक रुक कर कभी कभार मैं कुछ पूछता, और ठहरे ठहरे से तुम भी कभी बोलते, मुँह फेर के तुम भी रहते, बेमन से मैं भी कुछ कह देता, बाँकी के खाली हिस्सों में, […]

political neta ji poem hindi
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नेता जी – #MicroPoetry

सड़कों के भी पाँव पखारे जाने लगे, लगता है नेता जी दौरे पर आने लगे ! लग गए विश्वकर्मा अब बनाने में पुल पुलिया नेताजी की गाड़ी जब चली जनता की गलियाँ ! उड़ने लगे अब सड़कों पर पर्चे, नेताजी के आने के है बड़े चर्चे ! फूलों का लगा अब बड़ा सा टीला, मंदिर […]

newyearnewme
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नव वर्ष के नए नभ में …

बुझते अलाव सा नहीं… दहकते आग सा बन, दृढ प्रतिज्ञ बढ़ो ऐसे, जीवन के विस्तार को बुन, थकन पाँव में या लगे कांटे, रुकना न तू अपनी रफ्तार को चुन, जो टुटा भ्रम था वो रात था, सुबह हुआ अब ऐसे ख्वाब तू बुन, नव वर्ष के नए नभ में, अपनी नई उड़ान को चुन […]