night rain hindi poetry
Poetry

पूरी रात ….

पूरी रात ही बरसी बारिश, पूरी रात बूंदों का शोर था ! पूरी रात जो ख़ामोश रहा, पूरी रात वो कोई और था ! पूरी रात रहा कोरा ही कागज़, पूरी रात नज्म पर बूंदों का जोर था ! पूरी रात खिड़की के काँच पर फिसली बूंदे, पूरी रात उसका चेहरा हर ओर था ! […]