गुस्सा …..

तुम मिलो मुझसे कहीं,मैं नजरे छुपाऊ,तुम पूछो कुछ तो,मैं अनजान हो जाऊ ! तुम मिलो जब,मैं कहूँ तुमसे,तुम कौन हो,तुम क्या लगते मेरे,और दूर चला जाऊ ! तुम मिलो जब,पुराना Read More …

तुम बेवजह ही आ जाओ …

hindi poetry on come back love

मेरे पास वजह नहीं कोई, तुम बेवजह ही आ जाओ, आके खोलो फिर पोटली, यादों की पोटली मैं भी खोलूँ, तुम रूठना निकालों उससे, मैं मनाने की कोई तरकीब, तुम Read More …

निर्जन मन …

indian summer poem

आजकल का मौसम, दिन भर जलती हुई पछिया हवा, निर्जन सड़के, चिलचिलाती धुप, बेजार मन ! एक कविता इसी संदर्भ में … सड़कों पर रेगिस्तान उतर आया है, पछिया बयार Read More …

आसमान और कैनवास

sky as canvas thoughts

मेरे शहर के ऊपर, रोज कोई कैनवास लगाता है, रोज सोचता हूँ देखूँगा उसकी सूरत, वो रोज कुछ न कुछ बना के चुपके से चला जाता, बड़ी बड़ी रंगों की Read More …