Poetry

नया चाँद …

बालों के गुच्छों में एक चाँद है, जो कंधे पर सर रखके, सुकून के तरीके तलाशता है, सुबह सुबह घूँघट डाले आधे चेहरे तक, बरामदे पर धीमे क़दमों से चलती है, किसी कोने में खड़े हो देखा है, उसे बड़े लहजे से चाय पीते हुए, दो चार घूंट के बाद जब नजर उठती, टकड़ा जाती […]

Love Life & Things
Poetry

कुछ दिन जब …

कुछ दिन जब तुम नहीं बोलते, कुछ दिनों की चुप्पी होती, फिर बोलने लगती हर चीजें तुम्हारी तरह । सुबह सुबह खिड़की के पर्दो से झाँकती है धुप, तुम्हारी शक्ल लेकर, कमरे की वो दीवार, जिसपे बड़ा सा कैनवास लगाया था, बदल के हो जाती है, उसकी सारी तसवीरें तेरे चेहरे जैसी । कभी गुजरता […]

Autumn Days Thoughts
Random Thoughts Thoughts

किसे न इश्क़ हो इस मौसम से ? #AutumnDays

Autumn marks the transition from summer into Winter ….. किसे न इश्क़ हो इस मौसम से ? ढलती रात अभी की, जैसे हवायें खुले खुले बदन से टकराकर अटखेली करती प्रेमिका सी लिपटती ; दूधिया रोशनी में नहायी सड़के और आसमां की खूबसूरती जैसे गुलज़ार की नज्म, उस नज्म से जैसे चाँद आसमां से उतरकर […]

Poetry

गाड़ी – (#MicroPoetry)

ऊँची लम्बी गाड़ी, खूब जोर का हॉर्न बजाती, बगल में आके झटके से ब्रेक लगाती, दिल धक् से रह जाता उस वृद्ध का, अंदर गाड़ी से ठहाके की आवाज आती है ….

Poetry

प्रेम …

मैं उससे लड़ता हूँ, की थोड़ी सी ख़ामोशी तो हो, तुझे सोच सकूँ किसी नज्म की तरह, और तुझसे कहूँ तू खूबसूरत है शब्दों सी ! अल्लहड़ जैसे हरदम बोलना, जैसे हवा आयी हो खिड़की से और मेज पर से सारे पर्चे उड़ा गयी ! हरदम जिद और जिरह की बातें, जैसे कोई शरारती बच्चा […]

old things poem hindi
Poetry

कुछ पुराने सामान ….

एक दिन मेरे दिये हुये सब सामान पुराने हो जायेंगे, टूट जायेंगे या अब नहीं रह जायेंगे, वैसे की तुम साथ लेकर चलो इसे । किताबो की जिल्द उघड़ी होगी, या काटा होगा चूहों ने कभी, या हमारे रिश्तों की तरह, वक़्त की दीमक ने खाया होगा इसे । वो तारीख बताता कैलेंडर, जिसमें एक […]