Birds - Ignorance emotional poem
Poetry

उपेक्षा ….

स्नेह, उपेक्षा, मायूसी, विक्षोभ के इर्द-गिर्द घुमती एक कविता !!! उपेक्षा कल्पित चित्र था सुबह का , दो पंछी रोज आते थे , बरामदे पर आके चहलकदमी करते, तेरी आवाज से वाकिफ थे दोनों, वहीँ गमले के इर्द गिर्द खेला करते, कुछ दाने तेरे हाथों से लेके, उड़ जाते थे खुले आसमां में ! आज […]

away goodbye inbox love
Random Thoughts Thoughts

बहुत दूर चला …. इनबॉक्स लव -12

अब बहुत ही दूर चला गया । हाँ इस इंटरनेट के अनंत संसार से परे ; पता नहीं कितनी दूर हाँ जहाँ से कोई संवाद नहीं होगा , कोई खबर नहीं होगी तुम्हारी । होंगे जिंदगी के अपने अपने उत्सव ;अपनी अपनी मायूसी में खोये रहेंगें, क्यों कहेंगे तुमसे ? होंगी उलझने भी बस अब तुझसे […]

Festival Season Poem
Poetry

लौट आये त्यौहार वाले ..

त्यौहार में अपनों का आना, फिर उनका वापस लौट जाना ; अधिकांश राज्यों के लोग महानगरों में कार्यरत है, कुछ शब्द जो इस त्यौहार में उनके आने और वापस जाने पर सबके मन में कभी न कभी आता !  अब बस दीवालों पर अकेली झालरें झूल रही है, छोटे शहर से बड़े शहर लौट आये […]

Life & Thoughts
Night & Pen Thoughts

अंतर्द्वंद – Night & Pen

विचारों का जहाँ ठहराव हो जाता ; वहीँ से एक उदगम भी तो है एक नए विचार का ही ! कोई खामोश रहता है, जिक्र नहीं करता, शायद समझा नहीं पाये या समझने वाला आस पास नहीं, खीज कर दो बातों में वो बयान नहीं कर सकता, उसने शब्दों के समंदर को छुपा रखा है […]

migratory birds poem
Poetry

प्रवास के परिंदें ..

कई मौसम इक इक करके बीते ; प्रवास के परिंदें इस बार नहीं लौटे ! सावन बीता शीत की रातें भी लौटी, लौटी बातें और सारी यादें भी लौटी, प्रवास के परिंदें इस बार नहीं लौटे ! पेड़ों की डालियाँ उचक उचक कर ताकती है , देखती रही इन्तेजार से राह बादल घिरने पर, सोचती […]