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Random Thoughts Thoughts

लाइक – इनबॉक्स लव (Inbox Love ~10 )

लाइक की दुनिया कितनी बड़ी हो गयी है न ; रोज फोटो पर लाइक, उदासी पर लाइक, रोने पर भी लाइक, लाइक लाइक जैसे सब हाल चाल पूछ रहे फोटो पर लाइक देके, बिना कुछ कहे ! कभी ज्यादा लाइक के बीच में वो एक लाइक खोजता अलग वाला लाइक ; ये अलग वाला लाइक […]

Bhagalpur Bihar - Land aside ganga
Poetry

हौसलें है .. सब रवानी देखते है !

शहर के उस ओर का भूभाग, जहाँ हर साल बाढ़ आता, घर बह जाते, सारा जमीं समंदर हो जाता, फिर भी हौसला है उन लोगों का फिर उजड़े को बसाते और जीवन को जीने लौटते ! एक कविता इसी संदर्भ में ~ चौथी मंजिल से शहर के लोग नजारे देखते है, मिटटी, पानी के घरोंदों के […]

rain and memories
Poetry

बारिश .. सूनी सूनी !

बारिश, रात और भींगे मुंडेरों से टपकती है बूंदें ही नहीं , अनेकों पुरानी यादें भी रिसती रहती है कोनों कोनों से ! वो पुरानी खिड़की जिसके फांकों से एक धार, चुपके से सिरहाने के कोनों पर आ ठहरती थी ! एक पर्दा का सिरा हवाओं संग बह के लटक गया था बाहर, उसके लरियों […]

rain emotion story
Stories

संवेदना ….

बारिश .. छोटा शहर तो तंग हो जाता रोज रोज के इन छीटों से ; हर सड़क हर गलियाँ सनी हुई सी, ऊँघती हुई पुरानी बिल्डिंगें टूटे टूटे दरारों में बारिश की बूंदों ने अपना रस्ता बना लिया था ! बच्चे मायूस हो खिड़की से गुम होते शाम को देखते जा रहे ; आज भी […]

Indian Independence Hindi Poetry
Poetry

ऐ वतन ए हिन्द …

ऐ वतन ए हिन्द .. दी है तेरे माटी ने पनाह ; मुझ पर ये अहसान है ; जन्म मिली इस धरा पर ; मुझको ये अभिमान है ! ऐ वतन ए हिन्द, तेरे खातिर ; हम कुछ कर गुजर जाये ; संवरे इस भूमि का कण कण; कुछ इतने से अरमान है ! ऐ […]

prime time political satire
My Voice Thoughts

प्राइम टाइम – पोएट्री व्हेन संसद एडजर्नड

न चले रे हवा न मिले रे दुआ रुकी है संसद कैसे बने ये सभा । न तूने कुछ किया न मैंने कुछ किया; करोड़ों की अशरफी कौड़ी में खो दिया । बोते बीज बनाते बाँध बचाते बाढ़ ; खेतों की फसल को अख़बार खा गया, हर योजना बस ट्विटर पर छा गया ! बरसों से […]