बारिश …

rain poem

प्रकृति को महसूस करें तो कितने ही जीवन रंग इसमें छुपे है ; मानसून की बारिश रोज ही रुक रुक के होती, एक लम्बी उमस के दिनों के बाद जब Read More …

जिद ….

stubborn life

जिद मैंने भी और तुमने भी कर ली ; रुठने के कोई बहाने नहीं थे ; थी तो एक जिद; तुम्हारे पास भी और हमारे पास ! मैंने जिद की Read More …

कुछ तो लोग कहेंगे …

Life in a small city

कुछ तो लोग कहेंगे लोगों का काम है कहना बाबू मोशाय सादे कुर्ते पैजामे में गलियों से जाते हुए ; और लोग उन्हें देखकर बातें बनाते हुए ! कहीं न Read More …