meet with yourself
Thoughts Work & Life

कभी रूबरू हो खुद से – A walk on night, a great meet with yourself !

कितनी आपाधापी है ना ; रेत की तरह फिसलती उम्र ; जद्दोजहत में सजते संवरते बिखरते सपने ; कभी रुकते से कदम तो कभी भागता मन ! ये सब हमारे जीवन का हिस्सा है ! इन सब आपाधापी में खुद से रूबरू होना हम भूल जाते ; कभी टटोलिये अपने मन को कितनी गांठें पड़ी […]

Poetry

Take Care ! ~ Inbox Love – 9

उस रात नींद भी तो नहीं आई थी ; सर पर विक्स और बाम ने कुछ आराम दिया तो झपकी ली ; बीच में घड़ी का पता नहीं मोबाइल को कई बार देखा ; कोई न्यू मैसेज भी नहीं था ! पता नहीं कब आँख लग गयी ; रात के किसी पहर .. दवाई टाइम […]

Night & Pen Poetry

Atonement of Words – IN Night & Pen / Inbox Love -8

एकदम रात का सन्नाटा, ध्यान से सुनो, दिन के दबे सिसके बातों की प्रतिध्वनि; कहीं ख्वाब जलने की तो कहीं उम्मीद सुलगने की गूँज ! उस दिन काफी खामोशी के बाद जब उसने कुछ सुना; वक्त की झुंझलाहट शब्दों में उतर गयी उसके; और … बात ; .. शब्दों में टूटे हुए मन को कैसे […]

inbox love gtalk
Poetry

GTALK – Inbox Love 7

डायरी ही थी अपनी बातों का , मेल बॉक्स के कोने में संदेशों के प्रवाह का छोटा सा चैट बॉक्स ! हरे रंग का चिन्ह तुम्हारे होने का और आने का ; मैं वाइट इनविजिबल …जैसे हूँ भी .. नहीं भी.. !! कभी ठिठक सा जाता था देख के लाल रंग के चैट स्टेटस के […]

Poetry

सुर्ख रंग – Inbox Love 6

चारों ओर रंग सराबोर था ; नाउम्मीद नजर इनबॉक्स पर ही टिकी थी ; पहल मैंने भी तो नहीं की .. तो तुमसे नाराजगी कैसी ? यूँ ही कई रंगों के बीच पूरा दिन ऐसे ही गुजरा ; या बिना रंगों के ही गुजरा क्या पता ! याद आया पुराने इनबॉक्स में एक बात रखी थी […]

colors of life in words
Poetry

कौन सा रंग ….

किस रंग तुझे ढूँढू , कौन सा रंग लगाऊँ ! जिस रंग सखा तुम खोये ; उस रंग को कैसे मिटाऊँ ! तू जो फिर लौटे तो ; हर रंग में मैं रँग ही जाऊं ! तुझ बिन कहीं चैन नहीं था ; तुम बिन बेरंग पल ही बिताऊँ ! मौन रंग में कभी मैं […]