Poetry

लौट के यादें शहर को आई – Autumn Back To The City

{महानगर बसेरा है आगंतुक प्रवासी अनेकों लोगो को – छुट्टियों में घर को लौटना फिर महानगर की भीड़ में शामिल होना; कुछ जो अभ्यस्त है आने जाने की प्रक्रिया से कुछ नये संगी साथी पहली बार घर जाते ; इसी लौटने और पुनः जीवन की आपाधापी में खोने की एक कविता – सुजीत } रस्ते […]

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परछाइयाँ – Shadow of a Soul

परछाई सी थी साथ साथ चलता मालूम होता था ; जैसे एकपल हाथ छू गया होगा तेज क़दमों में ; तूने समझा उसकी साजिश सजा में हाथ छुड़ा लिया ; बस वहीँ ठिठक कर रुक गया था वो आगे नही गया ; सर पर धुप थी खड़ी परछाई उसकी पैरों में आ पड़ी ; पर […]

Hindi Poem on Tree Life
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एक पेड़ – Life of a Tree

उफ्फ तक नहीं करता बदलते मौसमों से, डटा तना पत्थर सा बन खड़ा रहता ; हरपल हरयाली बन मुस्काता रहता ; ये बिखरे बिखरे शाख ही मेरा अक्स है ! गिर जाती है पत्तियां मेरी कई ; छूट जाता है इनसे नाता मेरा ; असह दुःख को झेल जाता ; उफ्फ तक नहीं करता मैं […]

Life Poetry Sujit
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कल का नशा …. #SK

कल का नशा आज चेहरे पर, धीमे धीमे आँखों से उतर जाता ! दिन की थकन रात की आगोश में जाती; सुबह होती और फिर सब संवर जाता ! बिखरा बिखरा तुझसे कुछ कहता ; क्या सोच फिर फासला बना लेता ! कब तक रुकूँ और देखूँ तेरी राह ; कुछ सोच यूँ राहों पर […]

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ख़ामोशी का मौसम – Seasons Of Life

देखो ख़ामोशी का मौसम फिर आया, थोड़ी मायूसी संग फिर लौट आया । बुँदे बिखर कर अब कुछ ना वो बोले, अब मेरी खामोशी कैसे लब खोले । बेरुखी धुप अब निकल कर आयी, तेरी याद भी बिखर कर ही आयी । पतझर में जैसे मन ने उतार दिया हर लिबास, और धीरे धीरे मन […]