Poetry

दो कदम चल टूट जाता ..

ये सब्र ही है है जो दो कदम चल टूट जाता; पूछता नहीं तुमसे क्या साजिशे किसकी ! हर रिश्ता कैसा जाना अनजाना छुट जाता; सोचता नहीं अब क्या दोहमते किसकी ! समझा नहीं मैं खुश हो कैसे तू रूठ जाता; वो क्या कहा था जो, थी ख्वाहिशें किसकी ! क्या कीमती ख्वाब था जो […]

Stories

एक छोटी सी ख्वाबों की कहानी – Story By SK

ऐसे ख्वाब का क्या भरोसा, नींद में क्या आते जाते टूटते रहते ! ऐसी ही एक नींद भरी रात थी, आज किन यादों को नींद को लेके नींद आयी थी ! ख्वाबों की रातों की एक छोटी कहानी में चंद किरदार है; चंद यादें है ! कल्पनाओं के समन्दरों की गहराई क्या होंगी .. ऐसी […]

Thoughts Work & Life

जिंदगी अपनी है सवाल भी अपने – Outside Your Comfort Zone

कुछ संदेह मन में .. कुछ स्थायित्व की कमी यूँ तो लगता जैसे एक दोष हो जिंदगी के लिये ! पर एक गहराई से देखे तो हमारी जिंदगी को यही संदेह और स्थायित्व की कमी रफ़्तार देते ; देते एक उम्मीद चलने की, एक हौसला आगे बढ़ने की ! विस्तृत रूप में देखे और सोचे […]

Poetry

कभी आते नहीं – The Contrast of Life !!

गाँव में ख्वाब पुरे होते नहीं, शहरों में नींद कभी आते नहीं ! फोन इतने बड़े हाथों में आते नहीं, बात दिलो तक अब जाते नहीं ! चुप से सुनते हरदम पुराने धुनों को, अब कभी खुल के यूँ गुनगुनाते नहीं ! चलते फिरते पांवों के छालें दिखते नहीं, अब घासों पर भी दो कदम […]

Poetry

अब जो भी ख्वाब आ जाते …

जिस्म थक जाता है दिन से रूबरू होकर … नींद से पहले जो आधे अधूरे थोड़े से, अब जो भी ख्वाब आ जाते मैं उन्हें समझा दूँगा ! आठ पहर शिकायतों के लिये क्योँ खोजे, वक्त दो पल की ही मिलती है मुस्कुराने को ! कहीं बहुत दूर इस जहाँ से जा के, कभी फुर्सतों […]