Poetry

सरहदें – Wound of Kashmir

दो अपनों ने मिल के उड़ाया था, कभी उस सफ़ेद कबूतर को । दो अपनों के घरों के बीच ; उसे सरहदों का क्या पता था । खुली आसमानों और हवायें दोनों तरफ तो एक सी थी । एक दिन उसकी परों को काट दिया किसी ने ; कुछ लहू की बुँदे झेलम में घिरी […]

Videos & Cinema

मैं ये सोच कर ये उसके दर से उठा था .. (भूले बिसरे गीत)

“हकीकत” फिल्म से भूले बिसरे गीत में रफ़ी साहब .. मैं ये सोच कर ये उसके दर से उठा था ; की वो रोक लेगी मना लेगी मुझको ; हवाओं में लहराता आता था दामन ; की दामन पकड़ कर बिठा लेगी मुझको ; कदम ऐसे अंदाज से उठ रहे थे की ; आवाज देकर […]

late alone street
Thoughts

फिर देर से ..Late again when I get home !!

फिर देर से .. दिन ही नहीं रात गुमशुदा सा लगता है ; ये जिंदगी की कैसी किश्तें अदा कर रहे ; वो जो मायूस सा सहयात्री है अजनबी ही है ; पर उससे एक हमदर्दी सी है ; ये आखिरी गाड़ी स्टेशन पर मालूम सी होती ; लटकते हैंडल पर झुका बदन ; रोज […]

memories of year
Poetry

इस बरस की क्या क्या सौगात है … Memories never die !

दुआ लब्जों में समेटे, दिल में कई जस्बात है ! ना रूबरू हो सके कभी, इस सफर में ना कोई पास है ! कुछ शर्त ना थी साथ आने की, ना अजनबी होने की कोई बात है ! ना कुछ अकेले में गुफ्तगू हुई कभी, अब क्या बताये क्या राज की बात है ! आइना […]

Night & Pen

गिरह – Knot of Life : #Night & #Pen !

गिरह ऐसी भी नहीं थी की टूट जाती, हाँ कुछ बन्धन जो वक्त, मायूसी, खामोशी के थे ..सब आजाद है अब ! मैं इस इल्जाम का इतना भी हक़दार नहीं हूँ, ना तुम किसी खता के अपराधी ; बस ये ऐसे ही था जिंदगी का फलसफां .. मैं लिखता भी रहा और मिटाता भी रहा […]