Night & Pen

An Autumn Dreams – In Night & Pen With #SK

कल की दबी बिसरी झुंझलाहट; सुबह भी जारी थी सीढ़ियों से उतरते, घुमावदार बोझ सी लगती, ये चडाव और उतार सीढ़ियों की !झुंझलाहट उतार भी दे किसपर; उसपर जो अनसुना था मेरे बातों से ! शाम सड़क पर जैसे साल का अंतिम पड़ाव, उसके बचे कुछ महीने !मौसम भी जैसे यादों का एक कोना छुपाये, […]

Poetry

ठहर जाने का सबब !

कहते कहते ठहर जाने का सबब,फिर वही बातें, वही रातें ! चाँद सी सादगी दिखती ऐसी,फिर वही अजनबीपन छाया ..शब्द घुटते रहे, करते रहे अदब ! थे बेबाक अनेकों वहाँ हुजूम में,उम्रदराज सी आँखे लिये पल भर,जी भर के देख मासूम था चाँद,अब भी वहीँ ! फिर सिमटे लब्जों के ढेर लिये ..क्यों या क्या […]

Poetry

पूर्णविराम – Epic Life !

मौन हूँ ..खो गया हूँ में आस पास;इस भीड़ में ! लड़खड़ा जाती है शब्दें,टूट जाती है पंक्तियाँ,पूर्ण कर दो अधूरे संवादों को,एक पूर्णविराम देकर ! विस्मित है मन,भ्रम कैसा जैसे किसी,पटाक्षेप में कोसा गया मैं,कुछ चंद वार्तालापों में सोचा गया,बेमन की हँसी बिखेर दी ! अंतरद्वंद्व में उलझा गुजरा,व्यर्थ के पहर बीत गये,अब अर्थ […]

Poetry

कुछ तस्वीरें – The Unfinished Painting

कोरा कागज .. कोरी कल्पना सारी !यतार्थ कुछ भी नही है ..बस लहरों का एक सैलाब;आता और बिखेर देता सारी;बनाई तसवीरें ! समेट के लौट आया वहाँ से,वो अधूरी तसवीरें अब यादों में;फिर सोचुगा बनाऊंगा उसे,जोड़ुगा हर उलझे हिस्से ! रेतें, यादें, शिकन की कितनी लकीरें,पथरीली राहें, बेजार मन, कितनी यादें परी,रात लंबी है परी […]