An Autumn Dreams – In Night & Pen With #SK

कल की दबी बिसरी झुंझलाहट; सुबह भी जारी थी सीढ़ियों से उतरते, घुमावदार बोझ सी लगती, ये चडाव और उतार सीढ़ियों की !झुंझलाहट उतार भी दे किसपर; उसपर जो अनसुना Read More …

ठहर जाने का सबब !

कहते कहते ठहर जाने का सबब,फिर वही बातें, वही रातें ! चाँद सी सादगी दिखती ऐसी,फिर वही अजनबीपन छाया ..शब्द घुटते रहे, करते रहे अदब ! थे बेबाक अनेकों वहाँ Read More …

पूर्णविराम – Epic Life !

मौन हूँ ..खो गया हूँ में आस पास;इस भीड़ में ! लड़खड़ा जाती है शब्दें,टूट जाती है पंक्तियाँ,पूर्ण कर दो अधूरे संवादों को,एक पूर्णविराम देकर ! विस्मित है मन,भ्रम कैसा Read More …

कुछ तस्वीरें – The Unfinished Painting

कोरा कागज .. कोरी कल्पना सारी !यतार्थ कुछ भी नही है ..बस लहरों का एक सैलाब;आता और बिखेर देता सारी;बनाई तसवीरें ! समेट के लौट आया वहाँ से,वो अधूरी तसवीरें Read More …