Poetry

जिन्दगी बसर जरुर हो जायेगी – Life Left To Go

उलझनों भरी राहें ऐसी..मंजिल से अनजान बन,जिन्दगी बसर जरुर हो जायेगी ! आदतन रात की गोद में सर रख,ज्यों ही कुछ सोचते,और सुबह हो जाती,ये बड़ी वक़्त पाबंद घढ़ीयाँ,कुछ रुक रुक के क्यूँ नही चलती ! रोज टूटता मकसदों के मोह में,और शाम को एक पथिक सा बन,जिसे वर्षों से गुजरते गुजरते इन गलियों से,कोई […]

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एक सुबह कुछ ऐसे .. ! Bird, Butterfly & Morning

चाँद की पंखुरियाँ सिमट गयी,हरी पत्तियां और कोपले,निकले अपने खोले आँखे,देखो छोटे छोटे चिड़यों के बच्चे,उनके कलरव तुझसे ही मिलते है,आके जरा देखो तो उन्हें,जो आ गयी है तेरी मुंडेरों पर ! सीढ़ियों से उतरते एक सुबह,एक अहसास में कमी सी लगी,शायद तेरे पेरों में आज पायल नही थे,ये आँगन तो राह बिछाये थे,हर सुबह […]

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इक ख्वाब था…!

शाम अधूरी, अधखुली नींद से..इक ख्वाब था वो, अधूरा सा छुटा ! मन विस्मृत, एक डगर को चला,दूर कदम पर, एक भीढ़ सी टोली ! हाट कोई था, फल सब्जी के ठेले,एक कोने में मचल रहा रंगीन गुब्बारा,ठिठका वहीं, भा गये गुब्बारें ! सोचा ले मैं क्या करता उसको,देख फिर उन रंगों को निहारे ! […]