Monthly Archives: April 2013

The Paths of Destiny


किस्तों किस्तों में सुबह..
किस्तों किस्तों में होती शाम !

किस मुफलिशी के मारे..
हो गये देखो गुमनाम !

इस सफर को क्या नाम दोगे..
बस राहों को दे दो कुछ नाम !

साथ टूटे या हाथ छुटे..
होती नहीं हसरतें नाकाम !

बात हमारी भी होती होगी..
कुछ किस्सों में होगा ही नाम !

गिर गिर के सम्भलते है..
चुन ही लिया है जब अपना,
इक मंजिल इक मकाम !

Transcript 

kisto kistome me subah ..
kiston kiston me hoti sham !

kis muflishi ke maare..
ho gye dekho gumnam !

safar ko kya naam doge..
bs rahon ko de do kuch naam !

sath chute ya hath chute..
hoti nhi hasrate nakam !

baat hmari bhi hoti hogi..
kuch kisson me hoga hi nam !

gir gir ke khare hote hai,
chun hi liye hai jab apna,
ek manjil aur ek mukam..!

#$K… in Night And Pen

Life Lost In Lunar Landscapes!


Life Like Lust Of Living..
Lost In Lunar Landscapes!

Love Like Lean Lighthouse..
Let Leave As Losel Lineate!

Little Lamp of Light..
Lack of Lite Luck Lapse!

Lot of Lavish in Live or Late..
Later Laugh At Long Last Lakes !

Life Lost In Lunar Landscapes!

#Try : $k

– ** Losels : A worthless person.
– ** lineate : outline: the line that appears to bound an object

□ ■ Dreams of Night □ ■

सवा पहर का रात वो ..
वक्त टूटी ..नींद छुटी,
आवाज दे गए थे शायद,
देखा सिरहाने कुछ लब्ज थे परे,
गुनगुनाये तेरे, कह गए बात कुछ !

बीती रात का भ्रम सही या,
या सुबह होने का सच था खड़ा !

चले गए थे .. ख्वाब के तरह..
वो ख्वाब जो टूटता है रोज,
संवर जाता रोज अपने टुकड़े सहेज के,
फिदरत सी है उसे टूट जाने की,
आदत सी चुप हो जाने की !

फिर भी क्योँ इंतेजार है उसे रात का,
कुछ भूली बिसरी बात का,
जो भले तोड़े उसे, छोड़े उसे !

फिर पहर रात की होने को,
एक ख्वाब खड़ा फिर सजने को !

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