The Paths of Destiny

किस्तों किस्तों में सुबह..किस्तों किस्तों में होती शाम ! किस मुफलिशी के मारे..हो गये देखो गुमनाम ! इस सफर को क्या नाम दोगे..बस राहों को दे दो कुछ नाम ! Read More …

□ ■ Dreams of Night □ ■

सवा पहर का रात वो ..वक्त टूटी ..नींद छुटी,आवाज दे गए थे शायद,देखा सिरहाने कुछ लब्ज थे परे,गुनगुनाये तेरे, कह गए बात कुछ ! बीती रात का भ्रम सही या,या Read More …