Poetry

Faint And Fairy Colors of Life !

यूँ तो रंग बहुतेरे ए जिंदगी ..कुछ दिखा रंग कुछ छिपा रंग ! कुछ रंगों ने रंग दिया हमें..कुछ रंगों ने ठग लिया हमें ! कुछ रंग थे जैसे एक नयी कहानी..कुछ रंग था जैसे बिसरी वो कहानी ! यादों में रंगीन तस्वीर बनाई..लम्हों लम्हों की सब याद सजायी ! तेरे इंतेजार ने कुछ रंग […]

Poetry

लाल स्याही … A Treasure !

क्योँ अलग विजाती से बैठे,आँगन के उस पार अकेले,ढोल नगारे कानों से टकरा कर,वहीँ निस्तब्ध से हो चले,गुमसुम से बस तकते उस भीड़ को,हिस्सा जो नहीं उस उत्सव का मैं ! मैं जानती रीती रिवाजों से बने,इन कोरे चित्रों को, रंग थे जिनमे अनेकों,बस वक्त के हाथों से फिसल गयी लाल स्याही,अब अँधेरा अँधेरा ही […]