Poetry

कभी देखते मेरी नजरों से तो जान पाते – Feel Again

By on February 15, 2013

वो शीत की धुप गिरती तुम पर,भिगोती तुझे और चमक जाती,अनेकों लकीरें तेरी चेहरों पर ! कभी देखते मेरी नजरों से तो जान पाते ! उबड़ खाबड़ राहों पर देख तेरी नादानियाँ,सहम जाते हम, कोई तो हो संभाल ले,लरखराते तेरे कदमों को जरा ! कभी चलते मेरे संग तो जान पाते ! खेलते तुम गुब्बारों, […]

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