Yearly Archives: 2013

नव वर्ष – फिर सजेगी बिसातें !

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नव वर्ष जैसे बारह खानों में फिर सजेगी बिसातें,
हर दिन की कहानी और किरदारों का रंगमंच !

कुछ कोसते हुए चालें चाली गयी होंगी,
कुछ दंभ टूटा होगा किसी किरदारों का !

कुछ मोहरों ने खींचे होंगे पांव पीछे ;
कुछ मोहरों ने दिखाया होगा जज्बा !

कुछ अफ़सोस हुआ होगा अपनी बाजी का !
तो कहीं अभिमान होगा अपनी राहों का !

ना शिखर पर पर पहुँचा अभी;
कईं चालें और बाजी बची है अभी !

Happy New Year 2014 – नव वर्ष की शुभकामनाएँ – सुजीत

Image Credit: iplayoochess.com

गंतव्यविहीन … In Night & Pen

लंबी समांतर रेखा खींचता हुआ ये काफिला जिंदगी का बहुत दूर हो आया था;Autumn Mountain Foliage
ऐसे कितने दफा कोशिश की, साथ साथ चलती ये रेखाएँ काट के निकल जाये,

अपने गंतव्य की ओर, ये समांतर चलना निश्चित दूरियों को बनाएँ,
और नजदीकियों को भी ! बहुत कशमकश से शब्दों को बुनता हुआ;
लिपट जाता किस पशोपेश में फिर … क्योँ कैसा जिक्र ..

बस सवांद था संशय भरा, सीमाओं में सिमटा हुआ,
बनावटी चेहरों से इजाजत ना थी सब कह जाने की .. क्या अधूरा ही था ये संवाद..

{ शब्दों को जितना बिखेरा मन से …
सब मुझसे अपना मर्म पूछते है ! }

क्या जवाब दूँ अपने सब शब्दों का ..क्या मर्म था उनका ?
खुद वाकिफ हो हर राहों और मंजिलों से .. अपने उधेरबुन में वो कुछ उम्मीदों को तलाशता रहता..
यथावत अपने मन से लड़ता हुआ …. समांतर पथ पर अपने कदमों से दूर जाता हुआ !
गंतव्यविहीन ….. गंतव्यविहीन …!!!

□■ SK ■□

शीत की आँगन !

सर्द हवाओं ने ये महसूस कराया;winter_love_by_louiezong-d5hjji3
फ़िक्र लौट आयी थी उनकी आज !

फिर कुछ सरसरी हवा छु गयी होगी,
फिर अब बचपन लौट गयी होगी !

ना मानी होगी बात फिर किसीकी,
हो आये होंगे गलियों में यूँ ही !

कुछ शरारतें कुछ बेबाक सा मन,
भागती फिरती चहकती शीत की आँगन !

आ रही थी यादें कितनी,
इस धुंध से लिपटी हुई !

सर्द हवाओं ने ये महसूस कराया…..

सुजीत 

Photo:
http://louiezong.deviantart.com/art/winter-love-331796091

कुछ खोने का अहसास !

मैं अब कैसे शिकायत भी करू तुमसे,SK-poem-art
तुम खफा हो के कुछ और दूर चले जाओगे !

ये फासले या वक्त की क्या साजिशे थी,
कुछ खोने का अहसास अब पनपने लगा था !

बहुत सब्र से देखते तेरी खामोशी,
कोई शिकायत नहीं जहन में !

एक दिन बेसब्री टूटेगी मेरी,
फिर शायद सदियों तक बुत बन जाये हम !

शायद एक दफा तुम समझा देते इसे,
मेरे कदम मुझे दूर जाने ही नहीं देते !

इतने पुकारों पर जो ना बोला कुछ,
जिद तोड़ समझ क्योँ नहीं लेता मेरा मन !

कभी महसूस कर लेना मेरी आहट अपने आस पास,
कभी हम बिन आवाज किये दरवाजे से लौट जाते है !

#Sujit [In Poetry]

जिंदगी तू भी अब तो साथ दे थोड़ा !!

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मैं अपनी हर रीत निभा रहा ..
जिंदगी तू भी अब साथ दे थोड़ा !

मैं हर सुबह चहक उठता;
पर तू शाम तलक मायूस कर देता !

चलो छोड़ चला लड़कपन,
रूठने मनाने का !

चलो दूर हुआ बचपन,
हर पल मुस्कुराने का !

चलो गिरवी रखा रात के ख्वाबों को,
कुछ तो अब तू भी लौटा जरा !

सोच लिया छोड़ने की हर चीजे,
कुछ पाने की राह दिखा जरा !

वक्त सिमट कर दोहमत लगा रहा,
जिंदगी तू भी अब तो साथ दे थोड़ा !

:- सुजीत 

जब शब्द खामोश हो – तस्वीरें बोलती : My Paintbrush & Art Collection

जब शब्दें खामोश हो जाती, तब तस्वीरें बोलती, इनमे छुपा होता एक मर्म,
एक वक्त .. एक याद .. एक पुकार … एक खामोशी .. एक कला .. एक आत्मा !!

Sometime I hold paintbrush off course on digital canvas; here I collected my some paintbrush and painting collection. Every art of mine holds the conscience of some thoughts. Try to break the enigma behind every picture ….

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Just A Thoughtful Man Always Stuck Between Own Belief 

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  Paintbrush Art – Childish Approach to show the modern life and humor of life !!!

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Urban Life – Everyone Right to live own life !! Unequal Society & Living Shown In This Paintbrush Art 


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Passion, Proud Motivation Art – Inspired with Movie Bhaag Milkha Bhaag !! 

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  Life Learn To Serve Others

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Just Thoughts & Design 

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  Random Mood !! 
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Stone Heart Some Time – A Man Heart !!

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Artificial Scientific Life & Night !!

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  Some Love Lust Art !!

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Weird Mood – Complex Days Painting !!

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  I am more than what you see !!

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Just Creativity – Creation Lies just between dreams and daily work !! 

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  Colorful Life Art by Sujit 

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Defeat – Frustration Art !! 

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  Dragon Art shows Passion !! 

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  Feel Night Art –  Love, Drink & Much More Thoughts !!

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Forest of Thoughts – Artificial Forest Art !!  

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  Just Childhood Art expressed by Paintbrush !!

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Happy Independence Day Art – A tribute to soldiers !!

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 Stir with Vigorous & Uncluttered – : Paintbrush !!

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  Imagination and Childhood Dreams !!

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Live Life with little spice – Life Art !!

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Scary Art – Night Art – Night Peach – Night Thought !!

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Leaf Art – Complex Art of Life !!

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Boston Tea Party – History Art Via Paintbrush  

All art & painting created by me – Feel free to use and share in any work !! – Sujit

Reprise Something – Night & Pen

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बहुत द्वंद और एक बोझ जैसे पर्वतों की श्रृंखला, और रेगिस्तान सी राह में दूर जाता एक राही;
विस्तृत अथाह सी राह में कभी इतना पीछे रह जाता; की चलना मुश्किल सा प्रतीत लगता !

कब तस्सली हो, भागते भागते ! कितने सवाल है ….. फैसलों पर ..
क्योँ ऐसा लगता मौसम बेजार हो इर्द गिर्द पसरा हो __ रात की अधखुली पलकों ने कितने लम्हों को समेटा होगा,

जिस्म थकता हुआ ..सुबह की तलाश में ! उठने को बेताब …चलने को बेताब – राह कैसी भी कब सोचता !
समय के थपेड़े बरबस टकराते और कहते तोड़ क्योँ नही देते खामोशी ..

क्योँ लहरों को जाते देखते की वो आ ही जाती फिर वापस !
पर जाना तो उसकी आदत .. कुछ देर वहीँ इन्हीं क्रम की पुनराविर्ती ….

SK IN Night & Pen

दूसरी नींद

कुछ टूटे हुए काँच खिड़कियों के,second-night-sleep
जैसे सर्द हवाओं ने रुख देखा उसमें !

आधे ऊँघे परे पेड़ कुछ दुरी पर,
और साथ उसके आसरे अंदर खोये हुए,
लिपटी चुपचाप सी रोशनी लेम्पपोस्टों की !

एक नींद आधी सवालों वाली टूट सी गयी,
कितना पहर था नजाने दूसरी नींद के वास्ते !

सिरहाने परे ख्वाबों से जी नहीं था भरा,
फिर जी चाहा रूबरू हो तुमसे एकबारगी !

पौ फट जाये बिखर जाये हर चाहत,
फिर खों जाये कहीं दूसरी नींद की आगोश में !

#SK

Image Source : http://www.michawertheim.nl/agenda/35305/

जिंदगी तु है .. जिंदगी ये है – Life ?

The stages of Life
जितना तुझे समझता,
उतना तू उलझ जाता !

हर कदम रुक तुझे मुड़ के देखता,
तू उतना दूर चला जाता !

जितना मैं तुझे खुदा कहता,
तू उतना ही रूठ जाता !

शिद्दत से इबादत है मेरे मन में,
मैं हर कदम काफ़िर बन जाता !

जब तलाशता किसी खाली पल में,
उसी वक्त मुझे अकेला कर जाता !

वक्त लगता इंतेजार रहता हर मुकाम को पाने,
हर इंतेजार के बाद बस मैं हाथ खाली रह जाता !

जिंदगी तु है .. जिंदगी ये है,
ना मैं समझता, बाँकी सब समझा जाता !

#SK