आयेगा एक दौर – Dawn After Dark Night

ये तिमिर घना चहुओर है फैला,हर रोज सोच से रूबरू एक चेहरा,इन शोरों में दर्प फैला है गहरा ! हर तरफ बिफरा है शोर !जो हँस रहे जितना ,उतना उनको Read More …

ये रात की रेल – A Night Train

खिड़की की ओर नजर ले जाओ,धुँधली सी तस्वीर बनाओ ! देखो तुम जब नजर फिराये,हर चीज भागे बन के पराये ! रातों में फैला कल का एक शोर,पाषाण राहों में Read More …

ये शहर !

वो कहते थे ये शहर है, ऐसा !करीब से देखिये शायद जान जायेगें ! कब तक यूँ मुसाफिर रहते !एक पराव एक आशियाँ तलाशा ! अब इस कदर बस गयी Read More …