English Poetry

Silent Samurai

Quiet between the four walls, My Hand covered lament eyes, It is a city where dreams decorated, Why this city shatter my all dreams.. An acquaintance that was left behind, My stopped tired breath says a voice, The path is hard, dark enough to, You do not stop, do not get tired just to walk […]

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गंगा आये कहाँ से ..

ये गंगा की धुँधली तलहटी या, या उसकी ममता का पसरा आँगन ! हर सुबह .. नजर आती है मंदाकनी का फैला जहाँ, और छितिज पर गुलाबी आभा मिलती हुई ! बचपन … ये बचपन का नाता कुछ पुराना, तट भागीरथी और अबोध नजरे मेरी, रोज देखती उस और किसी सवाल से.. थी उम्र जब […]

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एक निरीह रात – A Painting

एक निरीह रात .. कुछ बात .. आसमाँ में देखो चाँद की बेरुखी ! ये डर ..भय .. रात का सन्नाटा ! ये पुराने पहाड़ों में दफ्न राज आहिस्ता ! ये जिंदगी भी कुछ पहेली से कम नही ! Painting By : Sujit

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महाभारत तो उसे बनानी थी

जाँच कभी परताल कभी.. हर राह परे बेहाल सभी .. जो उस रात को तुम जब सोये वहीँ, भाग गया काले धन का राज कहीं ! कोई टोपी वाला आया था, ना वो दांडी जाने वाले थे, ना नमक बनाने वाले थे ! ना राम नाम की लीला थी .. खुद के जीवन में झाँको, […]