Poetry

एक रात शहर की – Devils of Dark Night …!

जब रात तमस बड़ी गहरी थी,सहमी सी और सुनी थी ! घना अँधेरा धरा पर आता,शहर घना जंगल बन जाता ! मद में विचरते कुंजर वन में,विषधर ब्याल रेंगते राहों में ! दनुज सीमा के पार गया,कुहुकिनी का स्वर भी हार गया ! विवश ईश तुम चुपचाप रहे,अब मानव से फिर क्या आस रहे ! […]

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अब वजह दे दो – Heart Thought !

सब्र की दुहाई मत दो लंबे फासलों सी..कमजोर है बनावटी दिल ये टूट जायेगा ! या मुकम्मल वजह दो इसे बिखर जाने की..हर फासलों पर इसका इम्तिहान ना लो ! यूँ उम्मीद बड़ी सजायी रखी थी उनसे..गुमनाम ठोकरों ने खूब खेला इस दिल से ! उनकी खामोशी पर मुसकुराता रहा ये दिल ..गुमसुम हँसी पर […]

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घूँघट घूँघट नैना नाचे – Poetic Song ( Sharda Sinha)

** एक टीवी साक्षात्कार में शारदा सिन्हा से कुछ पंक्तियाँ, इस गीत व कविता को सुना, और सचमुच भाव से ओत प्रोत कर्णप्रिय रचना ! माटी की खुशबू और संगीत जैसे परम्परा का वहन करती ! घूँघट घूँघट नैना नाचे, पनघट पनघट छैया रे, लहर लहर हर नैया नाचे, नैया में खेवइया रे। बीच गगन में […]

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आहट सी तेरी ..

ना खता जतायी ..ना खबर बताई ..ये इरादा चुप रहने का ..उम्मीदों पर बोझ बन रहा ! किश्तों किश्तों में ढूंढता,कहीं यादें कम ना पर जाये,तेरे लौट आने तक ! रंग रंगीली झूठी दुनिया..खो जाने कि कोशिश करते,पर झूठी लगती हर रंगरलियाँ, जब बातें बेमानी सी हो जाती,एक तलक फिर दूर कहीं से,वही आवाज़ सी […]

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सपनों के बुलबुले – Dream Bubbles

बुलबुले बेचते वो राहों पर ..बुलबुले के बदले रोटी !रिश्ता अजीब लगता पर,बहुत संजीदा नाता उसका ! दो चार बुलबुले उड़ाते,बहल जाते राहगीर मुसाफिर,मकसद होता दो चार पैसे !पूछते उम्मीदी नजरों से,ले लो ये बुलबुले …और फिर जोर एक फूँक से,कई बुलबुले खुले आसमानों में, सब ख़ुशी से देखते बस,मुस्काते बच्चे कौतुहल भरे ! फिर […]

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पत्थर का बुत !

 एक बार — ! यूँ किसी हमराह का असर है..! ये पत्थर का बुत भी करवटें बदलता है ! पर .. हमे डर है पत्थर का बुत कहीं इंसान ना बन जाये ! फिर —! ये पत्थर का बुत जिसे इंसान बनाया था किसी ने, इंसानों जैसे दिये थे अरमां ख्वाब सजाने के तुमने, आज […]