उलझते सुलझते बातें जिंदगी के .. My LifeStream -2

ये रात शर्त लगाये बैठे है नजरे बोझिल करने की.. और हम ख्वाब सजाने की बगावत कर बैठे है … (वक्त के खिलाफ ये कैसी कोशिश ! ! ) यूँ Read More …

चलो अपने आँगन मे दिवाली मनाये इस बार !

चलो फिर दीप जलाये अपने आँगन मे इसबार, थोरे सुनी परी थी जो गलियां, उन्हें जगाए इस बार, धुल पर चुकी थी, दरख्तों पर उन्हें हटाये इस बार, चलो अपने Read More …