Poetry

आज हम यूँ भीगे जी भर के – A Day In Rain

आज हम भीगे यूँ जी भर के … ना डर था कोई रोक लेगा आ के हमे ! ना डर था माँ डाटेंगी यूँ भीगे कपड़ो को देख कर ! ना कोई लपक के सहलायेगा भीगे बालों को , ना मिल जायेगी, कोई गर्म प्याली चाय की .. बस नजाने क्यूँ दो चार बुँदे , […]

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सूरज ने दो जगह से उगना शुरु कर दिया …

थोरा ढला ढला,झुका झुका सुबह था आज का, सूरज भी था कहीं खोया था आज मेरी तरह, ठण्ड हवा की थोरी कंप कपी, छु रही थी जैसे ; माँ ने अभी हाथ से छु के कह रही हो उठने को और रोज की तरह वो जा रही फूलों के थाल लिए मंदिर की ओर, आँगन […]

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इन्द्रधनुषी रंग जिंदगी के …My LifeStream -1

यूँ रफ़्तार बहुत ही तेज थी … टुकड़ो टुकड़ो को समेटा.. देखो बन रहा इन्द्रधनुष सा …कुछ रंग थे इस तरह … (चाँद ने क्या लिखा रात की हथेली पर ! ! ) यूँ चांदनी रात थी.. और ये तुम्हारी ही आहटें थी..चाँद भी उतर आया था हमारे पास .. बस यूँ झकझोरा किसी ने […]