Poetry

आज मे अपने गाँव चला …Going To Home !

आज मे अपने गाँव चला … कुछ ममता मिल जाये आँचल की, आज फिर उनको लेने चला ! जिन गलियों मे बीता मेरा बचपन, आज फिर उनको जीने चला ! कुछ नजरे बोझिल राहों पर , उनको मे तर करने चला ! कुछ नजरे हो अनजानी सी, उनसे भी गले मे मिलने चला ! दादी […]

Poetry

आई रे आई ये रिमझिम फुहार ! ! – It’s A Rainy Day

यूँ बैठे थे की हवाओ ने रुख बदला और कुछ फुहारों ने मन को हर्षित कर दिया और कुछ मन मे आये भाव… देखो बह रही ये कैसी बहार, बरसी है तन पे ये भीगी फुहार ! यूँ निहारे वो मन को और गाये ये राग, बरसों यूँ मेघा कर दो शीतल तुम आज ! […]