Poetry

अब मुझे इन्तेजार कहाँ ! – A Poem

अब मुझे कोई इन्तेजार कहाँ ! तेरी मायूसी का ऐतबार कहाँ ! यूँ भागे है किस तरफ तब से , की अब हमे चैन कहाँ ! पिघल जाये ये दिल आंसुओं  से , पर उन्हें रोकने वाले हाथ कहाँ ! क्यों रुक जाये हम जाने से ,  मुझे रोकने वाले वो आवाज कहाँ !  अब […]