शब्दो के दरमियाँ फासले बहुत थे – A Random Thoughts

शब्दो के दरमियाँ फासले बहुत थे ,पर कुछ बातें तो निकली जुबान से ! अनसुनी न थी बातें मेरी ,मगर गुस्ताख़ी का नाम दे गये ! यूँ तो फिदरत ही Read More …

होली – इन आँखों में जो रंग है – My Holi 2010

होली रंगों के त्यौहार पर – अपने घर से दूर मेरे मन ने रंगा दिया कई रंगों में .. हम रंगों से दूर उमंगो से दूर ! ! वो क्या Read More …