Poetry

एक गुड़िया परायी होती है

आज भी हमारे देश में लड़कियो की उपेछा की दृष्टि से देखा जाता है.. उनको पराया समझा जाता है , समाज आज भी अपने पुराने रीती रिवाजो में उलझा हुआ है.वो हमारे हर रिश्तों में चाहे एक माँ हो या , बहन ,संगिनी या दोस्त हर रिश्तों में स्नेह बरसाती है, जीवन के किसी रंगों […]

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जब कभी दीवाली आती थी

तन कलरव मन हिषॅत होता था ,जब कभी दीवाली आती थी . दौर दौर के छत के मुंडेरों पर,दीप जलाना फूल सजाना हमे तो ,बहुत ये भाती थी ,जब कभी दीवाली आती थी . पटाखों फुल्झारियो की लंबी लिस्ट ,मेरे गुल्लक से बहुत भारी थी ,बस यही सोच क्रर रह जाते थे,रोकेट और अनार की […]