Poetry

सोशल मीडिया का शोर और में

रात का सन्नाटा ऊँची अट्टालिका को चीर रहा था,विचलित मन रात को निहार रहा था की तभी,सोशल मीडिया के शोर ने खीचा लाया मुझे ,कैसी ये छद्म दुनिया रच डाली है हमने,रोज एक नए चेहरों की किताब(Facebook)पर दे देते है एक नया नाम,श्याम को sam, राम को रीता बनाते,वाह रे सोशल इंजीनियरिंग. . . . […]