एक नये वर्ष को आना है !

एक नये वर्ष को आना है ,बस खुशियों में खो जाना है ! बीते हुए वर्ष से … कुछ यादें देकर चली गयी ,कुछ वादों से वो मुकर गयी ,किस Read More …

शाम का ढलता सूरज

रोज ख़त्म होता एक और दिन … एक शाम होती… शाम का ढलता सूरज… और क्या सोचते आप और हम … परिदृश्य . . . शाम का डूबता सूरज , Read More …

वो चले गए – wo Chale gaye

वो चले गए ,थोड़ा मुस्कुरा के गए,हमे तो रुला के गए ! हम भी मगरूर पूछ ही लिया ,कब आओगे लौट के,वो बस अपना सर झुका के गए ! सोचा Read More …

एक क्रिकेट मैच की वेदना

छुपते नही आंसू आब इन चेहरों में , इसे निकलने का एक जरिया दे दे ! बहुत मायूस इस भीड़ में हम, बस रोने का एक कंधा दे दे ! Read More …

एक गुड़िया परायी होती है

आज भी हमारे देश में लड़कियो की उपेछा की दृष्टि से देखा जाता है.. उनको पराया समझा जाता है , समाज आज भी अपने पुराने रीती रिवाजो में उलझा हुआ Read More …

जब कभी दीवाली आती थी

तन कलरव मन हिषॅत होता था ,जब कभी दीवाली आती थी . दौर दौर के छत के मुंडेरों पर,दीप जलाना फूल सजाना हमे तो ,बहुत ये भाती थी ,जब कभी Read More …